ॐ निर्माता एवं साहित्यिक विभूति

बापू हरभगवान जी महाराज

पवित्र ग्रंथों के लेखक और नंदाचौर धाम में नए दरबार, संगत निवास और लंगर घर के निर्माता।

15 जून 1936 – 11 फरवरी 2019
श्री ॐ नंदाचौर धाम
जीवन परिचय

संक्षिप्त जीवनी तथ्य

जन्म तिथि 15 जून 1936
जन्म स्थान गाँव मंडी तंदिलायवाला, जिला लायलपुर
माता-पिता श्रीमती जमुना देवी जी एवं श्री जयगोपाल जी जग्गा
दीक्षा गुरु बापू दयाकिशन जी महाराज
ज्योती ज्योत समाए 11 फरवरी 2019
दिव्य जीवन यात्रा
आध्यात्मिक यात्रा

दिव्य जीवन यात्रा

बापू हरभगवान जी महाराज का जन्म 15 जून 1936 को गाँव मंडी तंदिलायवाला, जिला लायलपुर (अब पाकिस्तान में) में श्री जयगोपाल जी जग्गा और श्रीमती जमुना देवी जी के घर हुआ। बचपन से ही उन्होंने आध्यात्मिकता और निस्वार्थ सेवा के प्रति गहरा झुकाव प्रदर्शित किया।

उन्होंने बापू दयाकिशन जी महाराज से नाम दीक्षा प्राप्त की और अपना जीवन संगत और दरबार की सेवा को समर्पित कर दिया। उनका साहित्यिक योगदान उल्लेखनीय है — उन्होंने पवित्र ग्रंथ श्री ॐ नारायण चरितामृत की रचना की और श्री हंस चमत्कार का हिंदी अनुवाद किया, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए आध्यात्मिक विरासत संरक्षित हुई।

बापू हरभगवान जी महाराज एक महत्वपूर्ण निर्माता और संगठनकर्ता के रूप में स्मरण किए जाते हैं। उनके मार्गदर्शन में नए संगत निवास, नए लंगर घर और श्री ॐ दरबार नंदाचौर के नए भवन का निर्माण हुआ। उन्होंने नंदाचौर में एक नए विद्यालय के निर्माण की देखरेख भी की और मेहतपुर, मेरठ तथा रुद्रपुर में नए दरबारों की स्थापना की। 11 फरवरी 2019 को वे ज्योती ज्योत समा गए।

पवित्र ग्रंथ एवं प्रकाशन

श्री ॐ नारायण चरितामृत

पवित्र ग्रंथ

श्री हंस चमत्कार (हिंदी अनुवाद)

पवित्र ग्रंथ (अनुवाद)

श्री ॐ नारायण पावन गाथा

कथाएं / जीवनी ग्रंथ

आत्मकथा बापू हरनाम जी महाराज

कथाएं / जीवनी ग्रंथ
पवित्र परंपरा

आध्यात्मिक वंशावली

दीक्षा गुरु बापू दयाकिशन जी महाराज
वर्तमान गुरु बापू हरभगवान जी महाराज
पवित्र मीडिया

दर्शन और प्रवचन

बापू हरभगवान जी महाराज के दिव्य दर्शन
बापू हरभगवान जी महाराज संगत के साथ
श्री ॐ दरबार नंदाचौर में सत्संग
बापू हरभगवान जी महाराज ध्यान में

प्रवचन एवं भजन